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दिलों की बज़्म में, हमको बड़ा मलाल हुआ !वफ़ा का ज़िक्र छिड़ा था के बस, बवाल हुआ !!---बवाल
आपकी तारीफ़ में, जब हम क़सीदे पढ़ चले !तालियों के सिलसिले, तड़ तड़ तड़ा तड़ तड़ चले !!---बवाल क़सीदे = प्रशंसात्मक -पद्य या गीत
जहाँ से तुमको पढ़ा नहीं था,वहाँ से लिखने को अब चला हूँ !नहीं...., शिकन ना पड़ेगी मुझ पर, सफ़्हए-उल्फ़त का सिलसिला हूँ !!---बवालशिकन = सलवट, मोड़-तोड़, फटना सफ़्हए-उल्फ़त = प्यार के पन्ने