पिछले कुछ दिनों से एक ब्लॉग बहुत ही खूबसूरती से ब्लागरों का दिल चुरा रहा है। और वो है आदरणीय सीमाजी का ब्लॉग मेरिभावनायें। ब्लागस्पाट। कॉम
देखिये न ४.९.०८ को हिज्र ऐ यार , ५.९.०८ को मंज़िल, ६.९.०८ को सज़ा, ८.९.०८ को कैसे भूल जाए, ९.९.०८ को फ़र्जे इश्क, १०.९.०८ को दरिया की कहानी, ११.९.०८ को आशनाई । कया बात है ! कया कहना ! बहुत खूब ! फ़िल ख़ूब !
बहुत अदब से सीमाजी आपसे बुरा मानने का इख़तियार हम छीनते हैं और आपकी बेखटके, बेरोकटोक, बगै़र किल्लतो-कसरत, बेतहाशा तारीफ़ करने का इख़तियार हम बिना आपकी इजाज़त हासिल करते हैं। आप हमें मुआफ़ रखें।
ज़माने में उसने बड़ी बात कर ली,
ख़ुद अपने से जिसने मुलाक़ात कर ली।