सोमवार, 1 मार्च 2010

किसिम किसिम की गुलाल................................

किसिम-किसिम की गुलाल लेकर,  हम उड़ चले थे उन्हें लगाने  !




मगर वहाँ से वो उड़ चले थे, तमाम रंगत को ही मिटाने !!



तभी  यकायक से मौसमे-गुल, ने हक़ में अपने जो दी गवाही !



तो हैरत-अँगेज़ रँगे-जन्नत, लगे हमारी ग़ज़ल सजाने !!





आप सभी साहिबान को ईद, होली और हॉकी में हिन्दोस्ताँ की बेहतरीन जीत पर ढेर सारी बधाइयाँ

--- बवाल

25 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

जनाब आप की पोस्ट बहुत ही सुंदर लगी सभी चित्र भी बहुत सुंदर ओर गर्म नर्म लगे, आप को भी ईद, होली और हॉकी में बेहतरीन जीत पर ढेर सारी बधाइयाँ,. मुबारक वाद

रुख़साना परवेज़ (मुम्बई) ने कहा…

हाय,
आप तो बड़े पुरनूर हैं जी फिर अपना नाम बवाल क्यूँ रखा हुआ है ?
बहुत लाजवाब शेर कहे जी, आपने अपने ही जैसे।
बुरा ना मानिएगा क्यूँकि होली है।

Udan Tashtari ने कहा…

लाओ जरा जमके गुलाल को...हम तो चमकायें अपने बवाल को.


ये रंग भरा त्यौहार, चलो हम होली खेलें
प्रीत की बहे बयार, चलो हम होली खेलें.
पाले जितने द्वेष, चलो उनको बिसरा दें,
खुशी की हो बौछार,चलो हम होली खेलें.


आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

-समीर लाल ’समीर’

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

होली पर शुभकामनाएँ!
सुंदर वासंती पोस्ट!
वानस्पतिक गणपति पसंद आए।

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत ही जोरदार. भाई बबाल जी आपका ये अंदाज भी ख़ूबसूरत लगा . भाई मै तो ये कहूँगा
किसम किसम की है गुलाल
किसम किसम के है लाल
आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक और ढेरो असीम बधाई .
महेंद्र मिश्र

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

पहली फोटो देख कर ये लगता है की जैसे आप मुंह गोल कर सीटी बजाते हुए ये कह रहे हैं " भैय्या आल इस वेळ"
आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक और ढेरो असीम बधाई .
महेंद्र मिश्र

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

एक ही चित्र तो काम का है भाया,खैर इसी से काम चलाते हैं,
शुभ होली.

Mithilesh dubey ने कहा…

वाह बवाल भईया बहुत खूब , सभी फोटो लाजवाब थे, लेकिन काम का तो एक ही लगा ।

सतीश सक्सेना ने कहा…

आज आपके अच्छे रंग देखे बवाल साहब ! शुभकामनाएं !

VIJAY TIWARI " KISLAY " ने कहा…

पर्वों के अनुरूप
आपकी पोस्ट ने
वाकई सही सन्देश भेजा है
आनंद आ गया
- विजय

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत सुन्दर फोटुआ लगाए हैं भाई। सबको खुश कर दिया होली में ।
होली मुबारक , शुभकामनाओं सहित।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बवाल साहब .... आपको भी होली की बौट बहुत शुभ-कामनाएँ ....
आपके सभी फोटो लाजवाब हैं ......

'अदा' ने कहा…

photos to dekhe, lekin kuch photos yahan kyun hain..ham samajh hi nahi paaye ki...
buddhu hain na ham ...
haan nahi to...!!

JHAROKHA ने कहा…

chitron sahit is sundar rachana kealiye tatha aane wale parva ke liye hardik badhai .
poonam

शशिकान्त ओझा ने कहा…

अकेले होली मनाते हो,अकेले गज़ल सजाते हो.
पता नही शब्दों के भन्डार कहा से चुन कर लाते हो.

आपके चित्रों ने अहसास कराया कि होली के रंगों में से किस तरह जीवन के सुखद पल उड़ा लिये जाते हैं।

Tarkash ke teer ने कहा…

bahut sunder...

sumit ने कहा…

कभी कभी सोचता हू की आप पत्रकार है या साहित्यकार

पंकज ने कहा…

गजब रंग रसिया.

Akanksha~आकांक्षा ने कहा…

एकदम होली में बवाल ही मचा दिया..बहुत खूब.
__________
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RAJ SINH ने कहा…

होके मजबूर तेरे दर से बवाली न गया
रंग से रंग उठा ,कोई भी खाली न गया .

देरी के लिए माफी भाई ' बवाल '.बहुत सारे कारण हैं .मोहब्बतों में ग़मगीन होना भी :) .तो माफ़ कर देना.

Ram Krishna Gautam ने कहा…

Saare Rang Achchhe Hain Bawal ji... Apki Rangat Bani rahe...



"RAM"

ई-गुरु राजीव ने कहा…

हमको लगा कि आप अचानक कबूतर हो गए. :)

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

बवाल जी देर से आने पर भी आपके ये रंग कुछ ज्यादा ही सुकून दे गये इस तपती गर्मी में ।

आदित्य आफ़ताब "इश्क़" ने कहा…

पहली दफ़ा आया हूँ ..............अब कभी वेदफ़ा नहीं होउगा.........

Sonal ने कहा…

bahut acha laga aapke blog par aakar.. shubkaamnaaye...

Meri Nayi Kavita par aapke Comments ka intzar rahega.....

A Silent Silence : Naani ki sunaai wo kahani..

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