लाल मदारी डुग-डुग लेकर, खेल दिखाने आता है !
खेल-खेल में बड़ी-बड़ी बातें, कर जाने आता है !
हाँ बतलाने, हाँ गिनवाने, हाँ मिलवाने आता है !
हिक़मत, हिम्मत, हैरत से हँस-रंग सजाने आता है !!
और इनकी आँखों के वास्ते "जोश" से --
ये बात, ये तबस्सुम, ये नाज़, ये निगाहें !
आख़िर तुम्हीं बताओ, क्यूँकर न तुमको चाहें ?
कौन........
10 वर्ष पहले
5 टिप्पणियां:
मदारी ?
डुगडुगी..?
व्याख्या की आवश्यकता है ।
सही में ववाल है जी !
सही है.
लाल मदारी का डुग-डुग---जय हो!!
वाह जी । कुछ हटके वाह!
एक टिप्पणी भेजें