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!! लाल और बवाल --- जुगलबन्दी !!
रविवार, 6 जुलाई 2008
गलबहियाँ
काँग्रेस और समाजवादी पार्टी की अंदाजे-मोहब्बत पर बद्र कितने वाजिब लगते हैं !
देखिये -
मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला,
अगर गले नहीं मिलता, तो हाथ भी न मिला !!
1 टिप्पणी:
Udan Tashtari
ने कहा…
sahi betha Bashir Badr sahab ka sher.
मंगलवार, जुलाई 08, 2008 4:43:00 am
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1 टिप्पणी:
sahi betha Bashir Badr sahab ka sher.
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