रविवार, 26 अक्तूबर 2008

उड़ने का था बहाना ............

जज़्बात की थी आँधी, उड़ने का था बहाना !

उनकी मोहब्बतों का, यूँ मैं बना निशाना !!

---बवाल

9 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

आपको सपरिवार दीपावली व नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये

दिनेशराय द्विवेदी ने कहा…

कभी किसी को निशाना भी बनाओ भाई।
दीपावली पर हार्दिक अभिनन्दन!

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामना.

श्रीकांत पाराशर ने कहा…

Deepotsav ke deepakon ka prakash aapke aur aapke parivar ke sabhi sadsyon ke jeevan men hamesha khushiyon ki roshni bharden, yahi shubh kamnayen.

अमिताभ मीत ने कहा…

तभी बवाल पर आमादा हैं क्या ?

शुभ दीपावली.

कुन्नू सिंह ने कहा…

दिपावली की शूभकामनाऎं!!


शूभ दिपावली!!


- कुन्नू सिंह

seema gupta ने कहा…

"sher sach mey lajvb hai..."

दीप मल्लिका दीपावली - आपके परिवारजनों, मित्रों, स्नेहीजनों व शुभ चिंतकों के लिये सुख, समृद्धि, शांति व धन-वैभव दायक हो॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ इसी कामना के साथ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ दीपावली एवं नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

BrijmohanShrivastava ने कहा…

पहले मैं मधुशाला गया था वहां कुछ नहीं मिला कहा गया गलत जगह पर आगये /जज्वात की आंधी और उड़ने का वहाना -इसकी गंभीरता के लिए बहुत गहरे डूबना होगा /रौशनी वाला शेर भी पढ़ा जलाओगे रौशनी मिलेगी /जहाँ तक देश आपका है उस पर मलाल मत कीजिये =हालत सुधरने की कोशिश हो तो ठीक है /जहाँ से जाकर कोई लौटता नहीं फिर आपके पास कैसे लौटे /आपके ब्लॉग पर ""उड़न तश्तरी ""जी की तस्वीर देख कर प्रसन्नता हुई बहुत ही आकर्षक व्यक्तित्व है उनका /दीवाली आपको मंगलमय हो /

बवाल ने कहा…

बहुत शुक्रिया जी आप सभी का. श्रीवास्तव साहेब, मलाल वतन का नहीं बवाल का है. शब्द तो भाव के वाहक हैं. भाव पर जाया जावे तो एक नहीं अनेक भाव पाइयेगा. मलाल के भीतर बहुत कुछ छिपा है. मेरी तरफ़ से आप सभी को फिर से दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ.