शुक्रवार, 31 अक्तूबर 2008

उनसे मिलने ........

सैलाब चल पड़ा है, अरमाँ का उनसे मिलने !

ख़ामोश सी मोहब्बत, कर ली है जिनसे दिल ने !!


---बवाल

8 टिप्‍पणियां:

seema gupta ने कहा…

सैलाब चल पड़ा है, अरमाँ का उनसे मिलने !

ख़ामोश सी मोहब्बत, कर ली है जिनसे दिल ने !!
" dil to pagal hai..."

Regards

PREETI BARTHWAL ने कहा…

वाह वाह क्या कहने

मीत ने कहा…

भाई आप का शेर पढ़ कर आया है .... इसको ज़रा पॉलिश कर के पूरा करने का इरादा बन रहा है ...

ख़ामोश निगाहों में ख़ामोश सा अफ़साना
आराइश-ऐ-मिजां़ है ये इश्क का अफ़साना

निरन्तर - महेंद्र मिश्रा ने कहा…

सैलाब चल पड़ा है,
अरमाँ का उनसे मिलने
क्या कहने.

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत खूब!! उम्दा है. नई फोटो भी बढ़िया है. बधाई!!

अनुपम अग्रवाल ने कहा…

कि अरमां उनसे मिलते हैं, तभी तो सैलाब चलता है ,
मोहब्बत खामोश है लेकिन, अभी तो दिल मचलता है

बवाल ने कहा…

वाह वाह सरजी, आते साथ धूम मचा दी, क्या कहना ! दोनों गज़लें एकदम फिट और हिट. लगातार लिखते रहें और मिलते रहें. शुभकामनाएँ. बाकी समीर लाल जी ने कह दिया है वो ज़रूर कर लें ताकि टिप्पणी में आसानी हो. आपका

बवाल ने कहा…

Uprokt Tippanee anupamjee ke liye likh raha tha, unke blog kee jagah khud ke blog par paste kar dali. Is par dhyan n den. Apne munh miya miTthoo type lag rahi hai ha ha ha.