गुरुवार, 27 नवंबर 2008

बवाल हुआ .....

दिलों की बज़्म में, हमको बड़ा मलाल हुआ !

वफ़ा का ज़िक्र छिड़ा था के बस, बवाल हुआ !!

---बवाल

9 टिप्‍पणियां:

seema gupta ने कहा…

" बवाल तो होना ही था ना, अल्लाह मियां ने ये महरबानी तो पहले से बख्शी है आपको.."

Regards

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

आप की पैदाइश का किस्सा अच्छा लगा।

कुमार आशीष ने कहा…

सवाल तो सही है..

"अर्श" ने कहा…

बहोत खूब बवाल साहब ,बहोत खूब लिखा है आपने वाह... बहोत बधाई ..

विवेक सिंह ने कहा…

वफा का जिक्र जारी रहे .

समयचक्र - महेद्र मिश्रा ने कहा…

बवाल जी
वह बबल जी वाह
ये तो होना ही था ...

Udan Tashtari ने कहा…

ये कर लो बात!! ऐसा भी क्या बवाल होना!!

PREETI BARTHWAL ने कहा…

बहुत खूब बवाल जी

तीसरा कदम ने कहा…

जबरदस्त लिखा है आपने.. कुछ शब्दों में ही बहुत कुछ कह देते हैं.