रविवार, 7 सितंबर 2008

जल जाते हैं

क्या ज़रूरी है के, शोलों की मदद ली जाए ?
जिनको जलना है वो, शबनम से भी जल जाते हैं !

---नामालूम

6 टिप्‍पणियां:

मीत ने कहा…

जले बैठे हैं जो शबनम से उन से पूछो कभी
बवाल नाम है तूफाँ का या बहारों का

Shastri ने कहा…

जिनको समझना है,
वे दो पंक्ति में भी समझ जाते हैं !!




-- शास्त्री जे सी फिलिप

-- हिन्दी चिट्ठाकारी के विकास के लिये जरूरी है कि हम सब अपनी टिप्पणियों से एक दूसरे को प्रोत्साहित करें

Udan Tashtari ने कहा…

शास्त्री जी की सिग्नेचर लाईन पर ध्यान दो, बवाल. वही हम भी कहे थे. :)

v ने कहा…

बहुत खूब

वीनस केसरी

विक्रांत बेशर्मा ने कहा…

बहुत खूब !!!!!!!

निरन्तर - महेंद्र मिश्रा ने कहा…

bahut sundar Babaal ji anand aa gaya .